Makar Sankranti Daan: क्यों जरुरी है मकर संक्रांति पर दान? जाने इसके महत्व और लाभ के बारे में

Makar Sankranti Daan: मकर संक्रांति को दान-पुण्य का दिन भी माना जाता है। 2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति के पावन त्यौहार पर सभी लोग गंगा में स्नान कर भगवान सूर्य देव की पूजा करते हैं, ताकि उनको महा पुण्य की की प्राप्ति हो सकें। मकर संक्रांति में दान करना काफी शुभ माना जाता हैं। ऐसा कहा जाता है कि दान हमेशा अपनी कमाई से ही करना चाहिए। वह धन जो किसी को कष्ट देकर कमाया जाता है और फिर दान कर दिया जाता है, ऐसे दान का कोई फल नहीं मिलता। दान करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप नाम या प्रसिद्धि पाने के लिए दान नहीं कर रहे हैं। आप दान कर रहे हैं क्योंकि भगवान ने आपको इसके योग्य बनाया है।

कहा जाता है कि दान में दी गई वस्तुएं अच्छी गुणवत्ता की होनी चाहिए। पुरानी, ​​बेकार या बेकार वस्तुओं का दान न करें । मान्यता है कि मकर संक्रांति पर किया गया दान सौ गुना अधिक फल देता है। इसलिए इस शुभ अवसर पर हम सभी को बिना कोई मौका गंवाए अपनी क्षमता के अनुसार दान करना चाहिए। इसलिए आज के आर्टिकल में Makar Sankranti Daan से जुड़ी जानकारी आपके साथ साझा करेंगे आर्टिकल पर बने रहिएगा चलिए जानते हैं:- 

मकर संक्रांति पर दान का महत्व: 

हिंदू धर्म शास्त्र में इस बात का उल्लेख है कि अगर आप मकर संक्रांति के दिन दान करते हैं तो आपको पुण्य की प्राप्ति होगी। यही वजह है कि मकर संक्रांति के दिन वस्त्र’ कंबल और तिल से बने हुए खाद्य पदार्थ  और खिचड़ी दान करते हैं।  ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन दान करने से भगवान की विशेष कृपा आपको प्राप्त होगी और आपके घर में सुख और शांति हमेशा बनी रहेगी 

Also Read: मकर संक्रांति शायरी हिंदी में 2024

मकर संक्रांति दान | Makar Sankranti Daan 

मकर संक्रांति के दिन दान करना पुण्य का काम आ जाता है ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति मकर संक्रांति के दिन दान करता है उसे महा पुण्य की प्राप्ति होती है और उसके ऊपर हमेशा ईश्वर की विशेष कृपा बनी रहती है यही वजह है कि मकर संक्रांति के दिन लोग की गंगा स्नान के उपरांत उड़द, चावल, सोना, ऊनी वस्त्र, कंबल आदि  चीज दान की जाती हैं।  इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र में गुड़ को सूर्य की प्रिय वस्तु माना गया है। गुड़ का दान करने के साथ-साथ आपको थोड़ा गुड़ खाना भी चाहिए। ऐसा करने से शनि, बृहस्पति और सूर्य के दोष दूर हो जाएंगे। मकर संक्रांति के दिन आप तिल-गुड़ के लड्डू (तिल गुल के लड्डू) दान कर सकते हैं। यदि आप अपने कुंडली से सूर्य दोष दूर करना चाहते हैं तो मकर संक्रांति के दिन लाल चंदन, आटा, काली मिर्च- इन चीजों का दान करें।

मकर संक्रांति के पावन त्यौहार पर आप काली उड़द दाल से बने खिचड़ी अगर दान करते हैं तो आपकी कुंडली से शनि दोष दूर हो जाएगाI महाराष्ट्र में  सभी विवाहित महिलाएं अपनी पहली संक्रांति पर हल्दी-कुमकुम समारोह करते हुए अन्य सुहागिन या विवाहित महिलाओं को कपास, तेल और नमक दान करती हैं। गंगासागर में हर वर्ष विशाल मेले का भी आयोजन किया जाता है। इस अवधि के दौरान कोई भी पुण्य कार्य या दान शुभ माना जाता है।

मकर संक्रांति पर दान | Daan on Makar Sankranti 

मकर संक्रांति के दिन दान करना काफी शुभ माना जाता है इस बात का उल्लेख हिंदू धर्म शास्त्रों में किया गया है ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति मकर संक्रांति के दिन दान करता है उसे 100 गुना पुण्य की की प्राप्ति होती हैं।   तिल और गुड़ का दान करने से मान-सम्मान प्राप्त होता है और धन लाभ भी होता है. यदि आपकी कुंडली में  सूर्य और शनि की स्थिति खराब है तो आप मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का दान जरूर करें  गरीब और जरूरतमंद लोगों को अगर आप अनाज दान करते हैं तो आपके ऊपर माता अन्नपूर्णा की कृपा हमेशा बनी रहेगी और घर में कभी भी अनाज की कमी नहीं होगी।  शास्त्रों में इस बात का उल्लेख है कि जब कोई व्यक्ति निस्वार्थ भावना से किसी व्यक्ति को दान देता है तो उसका दान सफल माना जाता हैं। 

इन्हें भी पढ़ें:- क्या जानते है मकर संक्रांति के मुहूर्त के बारे?

मकर संक्रांति पर क्या दान करना चाहिए | Makar Sankranti Me kya Daan Karna Chahiye

  • शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन चावल और काली उड़द दाल की खिचड़ी का दान शुभ माना जाता हैं।  ताकि आपको भगवान शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त हो
  • काले तिल से बनी चीजें दान करने से सूर्यदेव, भगवान विष्णु और शनिदेव तीनों प्रसन्न होते हैं।  तिल दान करने से आपके जीवन में खुशियां और  समृद्धि आएगी
  • शास्त्रों के अनुसार, गुड़ का दान करने से गुरु, शुक्र और शनि तीनों ग्रहों की कृपा बरसती हैं।
  • मकर संक्रांति के दिन नमक दान करने से आपके घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता हैं। 
  • शास्त्रों के अनुसार शनि और राहु के दोष को समाप्त करने के लिए मकर संक्रांति के दिन आप किसी भी गरीब और जरूरतमंद लोगों को काला कंबल या कपड़े दान कर सकते हैं। 
  • मकर संक्रांति के दिन सरसों का तेल  दान करने से भगवान शनि देव की कृपा प्राप्त होती हैं।
  • गरीब लोगों को मकर संक्रांति के दिन चावल दान करें इससे आपको 100 गुना अधिक चावल की प्राप्ति होगी।

मकर संक्रांति पर क्या दान नहीं करना चाहिए

मकर संक्रांति पर कुछ ऐसी चीज हैं जिन्हें आप लोगों को दान नहीं कर सकते हैं उसके बारे में पूरी जानकारी हम आपको नीचे दे रहे हैं आई जानते हैं-

  •  प्लास्टिक का दान नहीं करें। इससे घर में वास्तु दोष होता है। 
  • मकर संक्रांति पर सरसों का तेल दान करना शुभ माना जाता है लेकिन एक बात का ध्यान रखिएगा कि तेल बिल्कुल नया होना चाहिए
  • मकर संक्रांति पर स्टील से बनी चीज दान ना करें इससे आपके घर की आर्थिक  स्थिति खराब  खराब हो सकती है
  • झाड़ू का दान मकर संक्रांति पर नहीं करना चाहिए 
  • बेकार और पुरानी चीज दान में ना दे
  • मकर संक्रांति के दिन जूते चप्पल दान में नहीं दिया जाता हैं। 
  • जूठी वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए।

राशि के अनुसार क्या दान करें? 

2024 में मकर संक्रांति त्योहार के दिन राशि के अनुसार कौन-कौन सी चीज दान में देनी चाहिए ताकि आपको मकर संक्रांति का शुभ फल प्राप्त हो सके उसकी पूरी जानकारी हम आपको नीचे दे रहे हैं:-  

मेष राशिगुड़, मूंगफली और तिल का दान करने से सभी मनोकामना पूरी होगी.
वृष राशिचावल, दही, कपड़े, तिल की बनी हुई मिठाई का दान करना आपके लिए फलदायक साबित होगा.
मिथुन राशिचावल, कंबल, मूंग दाल का दान आपको लाभ प्रदान करेगा.
कर्क राशिचांदी के बर्तन, सफेद तिल से बनी चीजों का दान आपको शुभ फल देगा.
सिंह राशितांबे के बर्तन, सफेद तिल की मिठाई का दान करें. 
कन्या राशितिल, कंबल, उड़द दाल का दान करें. 
तुला राशिचीनी, कपड़े और खीर का दान करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी.
वृश्चिक राशिजरूरतमंदों को तिल और लाल कपड़ों का दान करे.
धनु राशितिल और चने की दाल का दान करना आपके लिए फलदायी साबित होगा.
मकर राशितेल, तिल, ऊनी वस्त्र, कंबल और पुस्तकों का दान करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
कुंभ राशितेल, साबुन, वस्त्र का दान करें, इससे आपके भाग्य में उन्नति करेगा.
मीन राशितिल, चना, साबूदाना, कंबल और मच्छरदानी का दान आपके लिए शुभ है.

मकर संक्रांति पर दान करने के लाभ (Benefits of Donating On Makar Sankranti)

  • मकर संक्रांति के दिन गंगा नदी में स्नान करने के उपरांत यदि आप काली तिल दान करते हैं तो आपकी कुंडली में चल रहे शनि दोष की समस्या दूर हो जाएगी
  • शनि दोष को दूर करने के लिए मकर संक्रांति के दिन उड़द की दाल या उससे बनी खिचड़ी दान करें।
  • गरीब और जरूरतमंद लोगों को आप कपड़े या कमल अगर आप दान करते हैं तो आपको राहु दोष से छुटकारा मिलेगा  
  • गुड़ का दान करने से सूर्य और शनिदेव प्रसन्न होते हैं। भगवान सूर्य की कृपा बरसती है।
  • देसी घी दान करने से मान-सम्मान बढता है। इसके अलावा बर्तन और गाय को हरा चारा देने से भी लाभ मिलता हैं।
  • गरीबों को गेहूं चावल दान करने से आपको माता अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

Makar Sankranti Significance | मकर संक्रांति का महत्व क्या है?  

हिंदू कैलेंडर के आधार पर मकर संक्रांति का त्योहार पौष माह में मनाया जाता है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता हैं।  2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी सोमवार को मनाया जाएगा मकर संक्रांति के दौरान सूर्य उत्तरायण होता है, यानी पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है। मकर के दिन से विवाह और शुभ कार्य शुरू होते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं, क्योंकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।इसके अलावा हिंदू धर्म में इस त्योहार का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन जप, तप, स्नान, श्राद्ध दान आदि का भी बहुत महत्व है।ऐसा माना जाता है कि जो लोग मकर संक्रांति के दिन गंगास्नान करते हैं उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती हैं।

मकर संक्रांति पर्व | Makar Sankranti Parv 

मकर संक्रांति का त्योहार हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है। मकर संक्रांति का त्यौहार भारत के लगभग हर हिस्से में मनाया जाता है लेकिन इसे पोंगल, लोहड़ी, बिहू, खिचड़ी आदि नामों से भी जाना जाता है। यह त्यौहार देवता सूर्य (सूर्य देव) के महत्व को दर्शाता है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है जिसका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। इस दिन से दिन की अवधि रात की तुलना में लंबी हो जाती है। सूर्य दक्षिणी गोलार्ध से उत्तरी गोलार्ध की ओर बढ़ना शुरू करता है और इसे उत्तरायण कहा जाता है। लोग सूर्य देव की पूजा और जप करके पूजा करते हैं। अपने सभी पापों को धोने के लिए गंगा नदी के पवित्र जल में स्नान करना इस त्योहार का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। व्यक्ति को मोक्ष तब प्राप्त होता है जब उसके पाप समाप्त हो जाते हैं।

निष्कर्ष:-

उम्मीद करता हूं कि हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल आपको पसंद आएगा आर्टिकल संबंधित अगर आपका कोई भी सुझाव या प्रश्न है तो आप हमारे कमेंट सेक्शन में जाकर पूछ सकते हैं जिसका जवाब हम आपको जरूर देंगे तब तक के लिए धन्यवाद और मिलते हैं अगले आर्टिकल में 

FAQ’s Makar Sankranti Daan

Q. अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव कहाँ मनाया जाता है?

Ans. गुजरात में हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव मनाया जाता है।

Q मकर संक्रांति को पंजाब में क्या कहा जाता है?

Ans. मकर संक्रांति को पंजाब में लोहड़ी कहा जाता हैं। 

Q. मकर संक्रांति में लोग कौन से रंग का कपड़ा पहनते हैं?

Ans.इस त्योहार पर लोग काले कपड़े पहनते हैं क्योंकि काला रंग गर्मी को अवशोषित करता है और ठंड से सुरक्षा प्रदान करता है।

Q. कुंभ मेले का आयोजन कब होता है?

Ans. कुंभ मेला हर 12 साल बाद आयोजित किया जाता है और मकर संक्रांति के दिन से शुरू होकर एक महीने या उससे अधिक समय तक चलता है।

Q मकर संक्रांति पर पवित्र नदी गंगा में स्नान करने के पीछे क्या अवधारणा है?

Ans. लोग अपने सभी पापों को धोने और पापों से मुक्त होने के लिए गंगा नदी के पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं।

Leave a Comment