Gangaur Ke Geet in Hindi: इन गीतों के बिना अधूरा है ‘गणगौर’ का त्योहार, सुनें बेहतरीन ‘गणगौर’ गाने

Gangaur Ke Geet in Hindi : 2024 में गणगौर तीज का त्योहार 11 अप्रैल को पूरे भारतवर्ष में मनाया जाएगा। इस दिन सभी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए गणगौर तीज का उपवास रखेगी ताकि उनको गणगौर माता का आशीर्वाद प्राप्त हो सकें। गणगौर पर्व के दिन विवाहित महिलाएं सोलह श्रृंगार कर शाम के समय गणगौर माता की पूजा विधि विधान से करती है और उनसे प्रार्थना करती है कि उन्हें सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिल सकें। धार्मिक शास्त्रों में इस बात का उल्लेख है कि आज ही के दिन माता पार्वती को सौभाग्यवती का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। तभी से गणगौर त्योहार मनाने की परंपरा शुरू हुई। वैसे ये व्रत केवल विवाहित स्त्रियां ही नहीं रखते हैं बल्कि अविवाहित लड़कियां भी इस्तेमाल को मना सकती है, ताकि उन्हें योग्य पति की प्राप्ति हो गणगौर पूजा विशेष तौर पर उत्तर भारतीय राज्यों में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हैं। गणगौर का त्योहार विशेष और राजस्थान में काफी विधि विधान और हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता हैं। 

भारत में कोई भी त्यौहार बिना गाने का अधूरा है ऐसे में हम आपको बता दें कि गणगौर त्यौहार विशेष प्रकार के गानों के माध्यम से मनाया जाता है ऐसे में अगर आप भी इंटरनेट पर Gangaur ke Geet in Hindi सर्च कर रहे हैं तो आप बिल्कुल सही लेकर आ गए हैं आज के आर्टिकल में Gangaur Geet 2024 से जुड़ी सभी जानकारी जैसे- गणगौर का त्यौहार क्यों मनाया जाता है? (Gangaur Kyun Manaya Jata hai) गणगौर गीत (Gangaur Geet) गणगौर गीत इन हिंदी (Gangaur Geet in Hindi) गणगौर गीत लिरिक्स इन हिंदी (Gangaur ke Geet Lyrics in Hindi) न्यू गणगौर गीत के बारे में आपको डिटेल जानकारी प्रदान करेंगे आप हमारे साथ लेख पर बने रहिएगा आईए जानते हैं- 

Gangaur Ke Geet – Overview

आर्टिकल का प्रकारमहत्वपूर्ण त्यौहार
आर्टिकल का नामगणगौर के गीत
आर्टिकल की भाषाहिंदी
कब मनाया जाएगा11 अप्रैल को
किस धर्म के लोग मानते हैंहिंदू धर्म के
किस राज्य का प्रमुख त्यौहार हैराजस्थान का
क्यों मनाया जाता हैपति की लंबी उम्र के लिए

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गणगौर का क्या अर्थ है? (Gangaur Meaning)

गण” भगवान शिव का पर्यायवाची है और “गौरी” या “गौर” का अर्थ देवी पार्वती है, जो भगवान शंकर की पत्नी है ऐसे में गणगौर दोनों के मिलन का जश्न मनाता है और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता हैं।

गणगौर का त्यौहार क्यों मनाया जाता है? (Gangaur Kyun Manaya Jata Hai)

गणगौर का त्यौहार क्यों मनाया जाता है तो हम आपको बता दें कि ऐसी मान्यता है कि अगर कोई भी विवाहित स्त्री गणगौर का त्योहार करेगी तो उसके पति की उम्र लंबी होगी इसके अलावा अगर कोई भी कुंवारी कन्या। इस त्यौहार को विधि विधान से करती है तो उसे योग्य पति की प्राप्ति होगी। गणगौर का त्योहार राजस्थान में 16 दिनों तक मनाया जाता हैं। इस दौरान विभिन्न प्रकार की पूजा विधि का अनुसरण विवाहित स्त्रियों के द्वारा किया जाता हैं। राजस्थानी में कहावत है ‘तीज तींवारा बावड़ी ले डूबी गणगौर‘ अर्थ है कि सावन की तीज से त्योहारों का आगमन शुरू हो जाता है और गणगौर के विसर्जन के साथ ही  त्यौहार का समापन हो जाता हैं। 2024 में गणगौर का त्योहार 11 अप्रैल को मनाया जाएगा |

गणगौर गीत (Gangaur Geet)

( 1) 

गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी

बाहर ऊबी थारी पूजण वाली।

पूजो ए पूजो बाईयां , काई काई मांगों

म्हे मांगा अन्न धन , लाछर लक्ष्मी।

जलहर जामी बाबुल मांगा, राता देई मायड़

कान कंवर सो बीरो  मांगा , राई सी भौजाई।

ऊँट चढयो बहनोई मांगा , चूंदड़ वाली बहना

पूस उड़ावन फूफो मांगा , चूड़ला वाली भुवा।

काले घोड़े काको मांगा , बिणजारी सी काकी

कजल्यो सो बहनोई मांगा , गौरा बाई बहना।

भल मांगू पीहर सासरो ये भल मांगू सौ परिवार ये

गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी।

ऊँचो , चवरो , चोकुंटो , जल जमना रो नीर मंगाय।

जठ ईशर जी सांपज ,बाई गवरा गवर पूजाय।

गवर पूजावंता यूं केब ,सायब आ  जोड़ी अबछाल राख

अबछल पीवर सासरो , ए बाई ,अब छल सो परिवार ,

ऊँचो चवरो चोकुंटो जल जमना रो नीर मंगाय।

( अपने घर वालो के नाम लेते जाएँ  )

(2) 

चम्पा री डाली , हिन्डो माण्डयो , रेशम री गज डोर।

जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

म्हारे  हिंडोल इशरदास जी पधारया , ले बाई गवरा ने साथ।

जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

होले से झोटो दिया ओ पातलीया डरप लो नाजूक जीव।

जी ओ म्हे हिंडो मण्डियों।

चम्पल री डाली हिंडो मांडियो ,रेशम री  गज डोर।

जी ओ म्हे हिंडो मंड्यो।

( बेटी जवाई के नाम लेते जाएँ  ) 

गणगौर गीत इन हिंदी (Gangaur Geet in Hindi)

गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती

पार्वती का आला-गीला , गौर का सोना का टीका

टीका दे , टमका दे , बाला रानी बरत करयो

करता करता आस आयो वास आयो

खेरे खांडे लाडू आयो , लाडू  ले बीरा ने दियो

बीरो ले मने पाल दी , पाल को मै बरत करयो

सन मन सोला , सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा

जोड़ ज्वारा ,गेंहू ग्यारा , राण्या  पूजे राज ने , म्हे पूजा सुहाग ने

राण्या को राज बढ़तो जाए , म्हाको सुहाग बढ़तो जाय ,

कीड़ी- कीड़ी , कीड़ी ले , कीड़ी थारी जात है , जात है गुजरात है ,

गुजरात्यां को पाणी , दे दे थाम्बा ताणी

ताणी में सिंघोड़ा , बाड़ी में भिजोड़ा

म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो , सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो

लाडू ल्यो , पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो

झर झरती जलेबी ल्यो , हरी -हरी दूब ल्यो गणगौर पूज ल्यो

इस तरह सोलह बार बोल कर आखिरी में

बोले एक-लो , दो-लो ,तीन लो  ……..सोलह-लो।

3. गणगौर के हिंडा के गीत

चम्पा री डाली , हिन्डो माण्डयो , रेशम री गज डोर।

जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

म्हारे  हिंडोल इशरदास जी पधारया , ले बाई गवरा ने साथ।

जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

होले से झोटो दिया ओ पातलीया डरप लो नाजूक जीव।

जी ओ म्हे हिंडो मण्डियों।

चम्पल री डाली हिंडो मांडियो ,रेशम री  गज डोर।

जी ओ म्हे हिंडो मंड्यो।

4. गणगौर के चूनड़ी के गीत

ईशरदास जी बीरो चूनड़ी रंगाई बाई रोवां के दाय नहीं आई रे

नीलगर ओज्यूँ रंग दे म्हारी चुनड़ी

अल्ला रंग दे पल्ला रंग दे।

म्हारे  माथे पे मोरिया छपाई दे नीलगर।

5. गणगौर का टीकी गीत

अम्बो तो जाम्बा टीकी ,पाना तो पल्ला टीकी

हरो नगीनों टीकी सोना की

या टीकी गौरा बाई ने सोवे

ईशरदास जी बैठ घडावे टीकी

अम्बो तो जाम्बा

6. गणगौर का थारो चोपडो गीत

गौर थारो चोपडो माणक मोती छायो ऐ

माणक मोती छायो ऐ यो तो सच्चा मोती धायो ऐ

ब्रह्मदास जी रा ईसरदास  जी रोली रंग लाया ऐ

ईसरदास जी रा कानीराम जी परण पधराया ऐ

परण पधारया वाकी माया टीका काड़या ऐ

रोली  का वे टीका काड़या ऊपर चावल चेपया ऐ

गौर थारो चोपडो माणक मोतिया छायो ऐ

माणक मोतिया छायो ऐ वो तो सच्चा मोती छायो ऐ।

7. गारा की गणगौर गीत

गारा की गणगौर कुआ पर क्यों रे खड़ी है।

सिर पर लम्बे-लम्बे केश, गले में फूलों की माला पड़ी रे।। गारा की गणगौर…

चल्यो जा रे मूरख अज्ञान, तुझे मेरी क्या पड़ी रे।

म्हारा ईशरजी म्हारे साथ, कुआ पर यूं रे खड़ी रे।। गारा की गणगौर…

माथा ने भांवर सुहाय, तो रखड़ी जड़ाव की रे।

कान में झालज सुहाय, तो झुमकी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर…

मुखड़ा ने भेसर सुहाय, तो मोतीड़ा जड़ाव का रे।

हिवड़ा पे हांसज सुहाय, तो दुलड़ी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर…

 तन पे सालू रंगीलो, तो अंगिया जड़ाव की रे।

हाथों में चुड़ला पहना, तो गजरा जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर…

पावों में पायल पहनी, तो घुंघरू जड़ाव का रे।

उंगली में बिछिया सुहाय, तो अनवट जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर

गणगौर गीत लिरिक्स इन हिंदी (Gangaur Ke Geet Lyrics in Hindi)

  1. खोल किवाड़ी प्रार्थना गीत

गौरि ए गणगौरी माता ! खोल किवाड़ी ‘

बाहर उबी थारी   पुजनवाली |

पूजो ए पूजाओ बाई , काई  – काई  ! मांगों ?

अन्न मांगों , धन मांगों , लाछ मांगों ,  लछमी ||

जलहर  जामी बाबल माँगा रातादेई माई |

कान कुंवर सो बीरों माँगा राई सी भोजाई

ऊंट चढ्यो बहणेंई माँगा चुडला वाली बहणल ||

गणगौर पूजन का गीत (Gangaur Pujan Geet)

गौर – गौर गणपति ईसर पूजे पार्वती

पार्वती का आला गीला , गौर का सोना का टिका ,

टिका दे , टमका दे , राजा रानी बरत करे ,

करता करता , आस आयो वास आयो ,

खेरो  खांडो  लाडू लायो ,

लाडू ले बीरा न दियो ,बीरो म्हाने चुनड दी

चुनड को में बरत करयो

सन मन सोला , ईसर गोरजा ,

दोनु जौड़ा , जोर ज्वार

रानी पूजे राज में , मैं पूजा सुहाग में ,

रानी को राज घटतो जाई , म्हाखो सुहाग बढतों जाय ,

किडी किडी कीड़ो ल्याय , किडी थारी जात दे ,

जात दे , गुजरात दे , गुजरात्या को पानी

दे दे थम्बा तानी , ताणी का सिघडा, बारी का बुजारा

म्हारो भाई एम्ल्यो खेम्ल्यो ,

सेर सिंघाड़ा ल्यो , पेफ का फूल ल्यो ,

सूरज जी को डोरों ल्यो , सोना को कचोलो ल्यो

गणगौर पूज ल्यो |

2. गौर गौर गोमती गीत

गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती

पार्वती का आला-गीला , गौर का सोना का टीका

टीका दे , टमका दे , बाला रानी बरत करयो

करता करता आस आयो वास आयो

खेरे खांडे लाडू आयो , लाडू  ले बीरा ने दियो

बीरो ले मने पाल दी , पाल को मै बरत करयो

सन मन सोला , सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा

जोड़ ज्वारा ,गेंहू ग्यारा , राण्या  पूजे राज ने , म्हे पूजा सुहाग ने

राण्या को राज बढ़तो जाए , म्हाको सुहाग बढ़तो जाय ,

कीड़ी- कीड़ी , कीड़ी ले , कीड़ी थारी जात है , जात है गुजरात है ,

गुजरात्यां को पाणी , दे दे थाम्बा ताणी

ताणी में सिंघोड़ा , बाड़ी में भिजोड़ा

म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो , सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो

लाडू ल्यो , पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो

झर झरती जलेबी ल्यो , हरी -हरी दूब ल्यो गणगौर पूज ल्यो

इस तरह सोलह बार बोल कर आखिरी में

बोले एक-लो , दो-लो ,तीन लो  ……..सोलह-लो।

न्यू गणगौर गीत (New Gangour Geet)

गारा की गणगौर 

गारा की गणगौर कुआ पर क्यों रे खड़ी है।

सिर पर लम्बे-लम्बे केश, गले में फूलों की माला पड़ी रे।। गारा की गणगौर…

चल्यो जा रे मूरख अज्ञान, तुझे मेरी क्या पड़ी रे।

म्हारा ईशरजी म्हारे साथ, कुआ पर यूं रे खड़ी रे।। गारा की गणगौर…

माथा ने भांवर सुहाय, तो रखड़ी जड़ाव की रे।

कान में झालज सुहाय, तो झुमकी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर…

मुखड़ा ने भेसर सुहाय, तो मोतीड़ा जड़ाव का रे।

हिवड़ा पे हांसज सुहाय, तो दुलड़ी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर…

तन पे सालू रंगीलो, तो अंगिया जड़ाव की रे।

हाथों में चुड़ला पहना, तो गजरा जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर…

पावों में पायल पहनी, तो घुंघरू जड़ाव का रे।

उंगली में बिछिया सुहाय, तो अनवट जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर…

हिंगलू भर बालद लाया रे

हिंगलू भर बालद लाया रे, म्हारा मान गुमानी ढोला।

कौन के आंगन रालूं रे, म्हारा मान गुमानी ढोला।।

ईसरजी के आंगन रालो रे, म्हारा मान गुमानी ढोला।

बाई गौरा कामन गाली रे, म्हारा मान गुमानी ढोला।।

जिनने मोह्या ईसरजी गौरा रा, म्हारा मान गुमानी ढोला।

हिंगलू भर… कौन के आंगन… मान गुमानी ढोला।।

बासकजी के आंगन रालो रे, म्हारा मान गुमानी ढोला।

बाई नागन कामन गाली रे, म्हारा मान गुमानी ढोला।।

जिनने मोह्या बासकजी नागन रा, म्हारा मान गुमानी ढोला।

हिंगलू भर… कौन के आंगन… मान गुमानी ढोला।

गणगौर के गीत लिखे हुए (Gangaur Geet Lyrics)

नाना अमरसिंह पागां बांधे

नाना अमरसिंह पागां बांधे, पेंचा संवारे अजमेर।

नाना अमरसिंह मोती हो पहने, चूनी संवारे अजमेर।।

झाली जी एं खेलन दो गणगौर, खेलन दो गणगौर।

खेलन दो री हाड़ा राव की गणगौर, निरखन दो गणगौर।।

नाना अमरसिंह बागा हो पहने, कसना संवारे अजमेर।

नाना अमरसिंह कंठा हो पहने, डोरा संवारे अजमेर।

झाली जी एं खेलन दो गणगौर, खेलन दो गणगौर।

खेलन दो री हाड़ा राव की गणगौर, निरखन दो गणगौर।। 

(इसी प्रकार अन्य गहनों, वस्त्रों का नाम लेकर गाएं।)

ओ जी म्हारे आंगन कुवलो

ओ जी म्हारे आंगन कुवलो खुदा दो, जे को ठंडो पानी।।2।।

जूड़ो छोड़यो नहाबा बैठिया, ईसरजी की रानी।

रानी से पटरानी की जो, बोले अमृत वाणी।।

अमृत का दोई प्याला भरिया, कंकू की रे प्याली।

मीठो बोल्या हृदय बसिया, मन में हरक उछाव।। ओ जी म्हारे आंगन…

जूड़ो छोड़यो नहाबा बैठिया, बासकजी की रानी।

रानी से पटरानी की जो, बोले अमृत वाणी।।

अमृत का दोई प्याला भरिया, कंकू की रे प्याली।

मीठा बोलिया हृदय बसिया, मन में हरक उछाव।। ओ जी म्हारे आंगन…

गणगौर के गीत MP3 (Gangaur Ke Geet MP3)

गणगौर के गीत अगर आप MP3 के रूप में सुनना चाहते हैं तो आप किसी भी म्यूजिक संबंधित वेबसाइट पर जा सकते हैं वहां पर आपको गणगौर गीत MP3 में मिल जाएंगे |

गणगौर के गाने (Gangor Ke Gane)

माथन भांवर घड़ा

माथन भांवर घड़ा री गणगौर, घड़ा री गणगौर।

रखड़ी के ऊपर नम जाती री, जरा झुक जाती री।।

खीची राजा का लड़का ने पाटन लूटी री,

पटवारियां लूटी, रंगवाड़ियां लूटी री। खीची राजा…

मुखड़ा ने मेसर घड़ा री गणगौर, घड़ा री गणगौर।

मोतीड़ा के ऊपर नम जाती री, जरा झुक जाती।। खीची राजा…

गाढ़ो जोती न रणु बाई आया

गाढ़ो जोती न रणु बाई आया

यो गोडो कुण छोड़ोवे

गाढ़ो छोज्ञावे ईश्वरजी हो राजा

वे थारी सेवा संभाले

सेवा संभाले माता अगड़ घड़ावे, सासरिये पोचावे

सासरिये नहीं जाँवा म्हारी माता पिपरिया में रे वां

भाई खिलावां भतीजा खिलावां, तो भावज रा गुण गांवा

(नोट- इसके आगे अपने पति का नाम लेना चाहिए)

गणगौर का गीत (Gangaur Ka Geet) 

रणु बाई रणुबाई रथ सिनगारियो तो

रणुबाई रणुबाई रथ सिनगारियो तो

को तो दादाजी हम गोरा घर जांवा

जांवो वाई जावो बाई हम नहीं बरजां

लम्बी सड़क देख्या भागी मती जाजो

उँडो कुओ देख्या पाणी मती पीजो

चिकनी सिल्ला देखी न पाँव मती धरजो

पराया पुरुष देखनी हसी मती करजो

 म्हारा दादाजी के जी मांडी गणगौर

म्हारा दादाजी के जी मांडी गणगौर

म्हारा काकाजी के मांडी गणगौर

रसीया घडी दोय खेलवाने जावादो

घडी दोय जावता पलक दोय आवता

सहेलियाँ में बातां चितां लागी हो रसीया

घडी दोय खेलवाने जावादो

थारो नथ भलके थारो चुड़लो चमके

थारा नेना रा निजारा प्यारा लागे हो मारुजी

गणगौर गीत राजस्थानी (Gangaur Geet Rajasthani)

(1) 

गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी,

बाहर ऊबी थारी पूजन वाली,

पूजो ए पुजावो सँइयो काँई-काँई माँगा,

माँगा ए म्हेँ अन-धन लाछर लिछमी जलहर जामी बाबुल माँगा,

राताँ देई माँयड, कान्ह कँवर सो बीरो माँगा, राई (रुक्मणी) सी भौजाई,

ऊँट चढ्यो बहनोई माँगा, चूनडवाली बहना,

पून पिछोकड फूफो माँगा, माँडा पोवण भूवा,

लाल दुमाल चाचो माँगा, चुडला वाली चाची,

बिणजारो सो मामो माँगा, बिणजारी सी मामी,

इतरो तो देई माता गोरजा ए, इतरो सो परिवार,

दे ई तो पीयर सासरौ ए,

सात भायाँ री जोड

परण्याँ तो देई माता पातळा (पति)

ए साराँ मेँ सिरदार

गणगौर पर्व पर कोरोना का कहर, नहीं भरेंगे पारम्परिक मेले

(2) 

ऊँचों चँवरो चौकुटो, जल जमना रो नीर मँगावो जी,

जठे ईसरदासजी सापड्या (विराजे हैँ), बहू गोराँ ने गोर पुजावो जी,

जठे कानीरामजी सापड्या बहु लाडल ने गोर पुजावो जी,

जठे सूरजमलजी सापड्या, बाई रोवाँ ने गोर पुजावो जी,

गोर पूजंता यूँ कैवे सायब या जोडी इभ् छल (इसी तरह) राखो जी,

या जोडी इभ् छल राखो जी म्हारा चुडला रो सरव सोहागो जी,

या जोडी इभ छल राखो जी म्हारै चुडला रे राखी बाँधो जी ।

(3) 

गोर-गोर गोमती, ईसर पूजूँ पार्वतीजी,

पार्वती का आला-गीला, गोर का सोना का टीका,

टीका दे, टमका दे राणी, बरत करे गोराँदे रानी,

करता-करता आस आयो, मास आयो,

खेरे खाण्डे लाडू आयो, लाडू ले बीरा ने दियो,

बीरो ले गटकाय ग्यो,चूँदडी ओढाय ग्यो,

चूँदड म्हारी इब छल, बीरो म्हारो अम्मर,

राण्याँ पूजे राज मेँ, म्हेँ म्हाँका सवाग मेँ,

राण्याँ ने राज-पाट द्यो, म्हाँने अमर सवाग द्यो,

राण्याँ को राज-पाट तपतो जाय, म्हारो सरब सवाग बढतो जाय

ओल-जोल गेहूँ साठ, गौर बसे फूलाँ कै बास,

म्हेँ बसाँ बाण्याँ कै बासकीडी-कीडी कोडूल्यो, कीडी थारी जात है,

जात है गुजरात हैसाडी मेँ सिँघाडा, बाडी मेँ बिजौराईसर-गोरजा,

दोन्यूँ जोडा, जोड्या जिमाया,जोड जँवारा, गेहूँ क्यारागणमण सोला,

गणमण बीस, आ ए गौर कराँ पच्चीस

(4) 

आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै,

तो ईसरदासजी बैठ घडावै ओ टीकी,

रमाक झमाँ, टीकी, पानाँ क फूलाँ टीकी, हरयो नगीनो

एआ टीकी बाई रोयणदे ने सोवै,

तो सूरजमलजी बैठ घडावै ओ टीकी,

रमाक झमाँ, टीकी, पानाँ क फूलाँ टीकी, हरयो नगीनो

एआ टीकी बहू ने सोवै, तो बेटा बैठ घडावै ओ टीकी,

रमाक झमाँ, टीकी, पानाँ क फूलाँ टीकी, हरयो नगीनो

गणगौर सॉन्गस डाउनलोड (Gangaur Songs Download)

गणगौर गाने अगर आप डाउनलोड करना चाहते हैं तो आप  केवल इंटरनेट गणगौर गाने डाउनलोड करना जैसे ही लिखेंगे आपके सामने कई प्रकार की वेबसाइट आ जाएगी जहां से आप इसके गाने को डाउनलोड कर सकते हैं इसके अलावा यूट्यूब से भी इसके गाने को डाउनलोड किया जा सकता हैं।

https://youtu.be/n9tAPSu3yH4?si=SgAfwZm7FzlFXk7D

गणगौर सॉन्गस लिरिक्स (Gangaur Song Lyrics)

गणगौर का गीत – ओड़ो कोड़ो

ओड़ो कोड़ो छ रावलो ये राई चन्दन को रोख
ये कुण गौरा छै पातला ऐ कुणा माथ ऐ मोल
ईसरदास जी गोरा छ पातला ऐ ब्रह्मा माथे मोल 

बाई थारो काई को रूसणो ये काई को सिंगार
बाई म्हारे सोना को रूसणों ऐ मोतिया रो सिंगार
अब जाऊँ म्हारे बाप के ऐ ल्याउली नौसर हार

चौसर हार गढ़ाए ,पाटे पुवाए गोरक सुधों मूंदडो,
गोरा ईसरदास जी ब्रह्मदास जी जोगो मूंदडो,
वाकी रानिया होए बाई बेटिया होए आठ गढ़ाए

पाटे पुवाए गोरक सुधो मूंदडो
गोरा चाँद, सूरज, महादेव पार्वती जोगो मूंदडो
गोरा मालन, माली, पोल्या – पोली जोगो मूंदडो मूंदड़ो,

गणगौर का गीत – बधावा

चाँद चढ़यो गिरनार, किरत्यां ढल रही जी ढल रही
जा बाई रोवा घरा पधार माऊजी मारेला जी मारेला
बापू जी देवला गाल, बडोड़ो बीरो बरजेलो जी बरजेलो,
थे मत दयो म्हारी बाई न गाल,
बाई म्हारी चिड़कोली जी चिड़कोली।
आज उड़ पर बात सवार बाई उड़ ज्यासी जी उड़ ज्यासी,
गोरायारं दिन चार जावईडो ले जासी जी ले जासी

(घर की बहन बेटियो का नाम लेना है )

3.  गणगौर का गीत – ज्वारा का

म्हारा हरया ए ज्वारा ऐ, गेन्हूला सरस बध्या
गोरा ईसरदास जी रा बायां ऐ वाकी रानी सींच लिया
गोरा ब्रह्मदास जी रा बायां ऐ वाकी रानी सींच लिया
वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
बाई रो सरस पोटलों ये, गेंहूडा सरस बध्या
म्हारा हरिया ए ज्वारा ये गेन्हुला सरस बध्या
गोरा चाँद सूरज बाया ये वाकी रानी सींच लिया
वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
बाई रो सरस पोटलो ये गेन्हुला सरस बध्या
मालीदास जी, पोलीदास जी बाया ऐ वाकी रानी सींच लिया
वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या

(सभी घर वालों के नाम लेने हैं )

4.  सूरज को अरक देने का गीत

अल खल नदी जाय यो पाणी कहा जाय
आदो जाती अणया गलया आदो ईसर न्हासी
ईसर थे घरा पदारो गौरा जायो बैटो
अरदा लाओ परदा ल्याओ बन्दर बाल लगाओ
सार कीए सूई भाभी पाट काए तागा
सीम दरजी बेटा ईसर जी का बागा
सीमा लार सीमा आला मोत्या की लड़-जड़ पोउला थे चालो म्हे आवला।

गौर गौर गोमती लिरिक्स (Gor Gor Gomti Lyrics)

गोर गोर गोमती, इसर पूजे पार्वती

म्हे पूजा आला गिला, गोर का सोना का टिका

म्हारे है कंकू का टिका

टिका दे टमका दे ,राजा रानी बरत करे

करता करता आस आयो, मास आयो

छटो छ: मास आयो, खेरो खंडो लाडू लायो

लाडू ले बीरा ने दियो , बीरा ले भावज ने दियो

भावज ले गटकायगी, चुन्दडी ओढायगी

चुन्दडी म्हारी हरी भरी, शेर सोन्या जड़ी

शेर मोतिया जड़ी, ओल झोल गेहूं सात

गोर बसे फुला के पास, म्हे बसा बाणया क पास

कीड़ी कीड़ी लो, कीड़ी थारी जात है

जात है गुजरात है, गुजरात का बाणया खाटा खूटी ताणया

गिण मिण सोला, सात कचोला इसर गोरा

गेहूं ग्यारा, म्हारो भाई ऐमल्यो खेमल्यो, लाडू ल्यो , पेडा ल्यो

जोड़ जवार ल्यो, हरी हरी दुब ल्यो, गोर माता पूज ल्यो

निष्कर्ष (Conclusion)

उम्मीद करता हूं कि हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल आपको पसंद आएगा आर्टिकल संबंधित अगर आपका कोई भी सुझाव या प्रश्न है तो आप हमारे कमेंट सेक्शन में जाकर पूछ सकते हैं उसका उत्तर हम आपको जरूर देंगे तब तक के लिए धन्यवाद और मिलते हैं अगले आर्टिकल में..!!

FAQ’s: Gangaur Ke Geet in Hindi

Q.1. गणगौर महोत्सव क्या है?

Ans. गणगौर महोत्सव एक पारंपरिक हिंदू उत्सव है जो देवी पार्वती भगवान शंकर को समर्पित हैं। इस त्यौहार को विवाहित स्त्रियां अपने पति के लंबी उम्र के लिए  मानती हैं।

Q.2. गणगौर महोत्सव कब मनाया जाता है? 

Ans. गणगौर महोत्सव चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मनाया जाता है, जो आमतौर पर हिंदू कैलेंडर के अनुसार मार्च या अप्रैल में आता है।

Q.3. गणगौर महोत्सव का क्या महत्व है?

Ans.गणगौर महोत्सव विवाहित महिलाओं के लिए बहुत महत्व रखता है, इस त्यौहार में विवाहित स्त्रियां माता पार्वती से अपने पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं और अगर कोई भी अभिव्यक्ति लड़की इस्तेमाल को करती है तो उसे भगवान शंकर जैसा जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

Q. 4. गणगौर महोत्सव कहाँ मनाया जाता है?

Ans. गणगौर महोत्सव राजस्थान और उत्तर प्रदेश में प्रमुखता से मनाया जाता है, हालाँकि यह मध्य प्रदेश, हरियाणा और गुजरात जैसे अन्य राज्यों में भी मनाया जाता है।

Q. 5. गणगौर महोत्सव से जुड़े रीति-रिवाज क्या हैं?

Ans. इस दिन देवी पार्वती और भगवान शंकर प्रतिमा स्थापित की जाती है इसके अलावा उपवास करना’ प्रार्थना करना’ लोकगीत गाना और अंतिम दिन मोतियों को पानी में विसर्जित  किया जाता हैं। 

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